‘ढोला मारू रा दूहा’ पर अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.ढोला मारू रा दूहा किस प्रदेश का अत्यंत लोकप्रिय लोक काव्य है?
उत्तर- राजस्थान ।
प्रश्न 2.ढोला मारू रा दूहा किस भाषा में रचित काव्य है?
उत्तर- राजस्थानी भाषा में ।
प्रश्न 3.ढोला मारू था दूहा के रचनाकार कौन हैं?
उत्तर- ढोला मारू रा दूहा की रचना कवि कल्लोल ने की थी, इसमें कुछ पद जोड़कर कुशल लाभ ने इसे और विस्तृत रूप दिया।
प्रश्न 4.इस काव्य में विवाह के समय ढोला और मारू की उम्र क्या है?
उत्तर- विवाह के समय ढोला तीन और मारू (मरवण) मात्र डेढ़ साल की थी।
प्रश्न 5.ढोला मारू में ढोला शब्द का क्या अर्थ लिया जाता है?
उत्तर- प्रेमी अथवा पति ।
प्रश्न 6.मारवणी कौन थी?
उत्तर- पोंगल के राजा पिंगल की पुत्री, इसी का विवाह बचपन में ढोला के साथ हुआ था।
प्रश्न 7.ढोला का दूसरा विवाह किसके साथ हुआ था?
उत्तर- मालवणी के साथ हुआ था।
प्रश्न 8.‘देस विरंगउ ढोलणा दुखी हुआ इहां आइ’ पंक्ति किस काव्य से ली गई है?
उत्तर- यह पंक्ति राजस्थान के लोक प्रसिद्ध प्रेम काव्य ‘ढोला मारू रा दूहा’ से ली गई है जो कई कल्लोल द्वारा रचित है।
प्रश्न 9.‘बाबा! म देसई मारुवां सूधा एवांळाह’ पंक्ति किस काव्य की है? इसमें बाबा किसे कहा गया है?
उत्तर- यह पंक्ति कवि कल्लोल द्वारा रचित प्रेम काव्य ‘ढोला मारू रा दूहा’ से ली गई है। इसमें बाबा मालवणी के पिता को कहा गया है।
प्रश्न 10.ढोला मारू रा दूहा में किसके विरह का मार्मिक चित्रण किया गया है?
उत्तर- ढोला की पहली पत्नी मरवण (मारू) के विरह का मार्मिक चित्रण इसमें किया गया है।
प्रश्न 11. मालवणी मारवणी के समक्ष किस राज्य का उपहास उड़ा रही थी?
उत्तर – मालवणी मारु के गृह प्रदेश मरूभूमि ( राजस्थान)का मजाक बना रही थी।
प्रश्न 12. ढोला मारू रा दूहा किस प्रकार का काव्य है?
उत्तर – यह एक प्रेम कथात्मक लोक काव्य है,जो राजस्थान में बहुत प्रसिद्ध है।
प्रश्न 13. इस काव्य का प्रमुख छंद कौन सा है?
उत्तर – प्रमुख रूप से इसमें दोहा छंद का प्रयोग किया गया है।
© डॉ. संजू सदानीरा
ढोला मारू रा दूहा का सारांश यहां पढ़ सकते हैं..




