‘एक तारा’ कविता का भाव सौंदर्य/मूल संवेदना : Ek tara kavita ka bhav saundarya/Mool samvedna

‘एक तारा’ कविता का भाव सौंदर्य/मूल संवेदना ‘एक तारा’ कविता छायावाद के अत्यंत प्रतिष्ठित एवं आधार स्तंभों में से एक …

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गिरिजा कुमार माथुर की कविता ‘मिट्टी के सितारे’ की मूल संवेदना

 गिरिजा कुमार माथुर की कविता ‘मिट्टी के सितारे’ की मूल संवेदना गिरिजा कुमार माथुर नई कविता के सुप्रसिद्ध कवि हैं। …

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गिरिजा कुमार माथुर की कविता ” पंद्रह अगस्त (15 अगस्त 1947)” की मूल संवेदना/ मूल भाव

   गिरिजा कुमार माथुर की कविता “पंद्रह अगस्त (15 अगस्त 1947)” की मूल संवेदना/ मूल भाव कविता के प्रमुख कवि …

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साठोत्तरी कविता की विशेषताएं/ प्रवृत्तियां: Sathottari kavita ki visheshtayen

  साठोत्तरी  कविता की विशेषताएं/प्रवृत्तियां प्रश्न– साठोत्तरी  कविता की विशेषताएं बताएं।  उत्तर-  “साठोत्तरी ” का शाब्दिक अर्थ है साठ के बाद …

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सुमित्रानंदन पंत की कविता नौका विहार की मूल संवेदना : Sumitranandan Pant ke kavita Nauka vihar ki mool samvedna

 प्रश्न- नौका-विहार कविता के आधार पर पंत जी के प्रकृति सम्बंधी विचारों का वर्णन करें। अथवानौका-विहार कविता का भाव सौन्दर्य स्पष्ट …

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महादेवी वर्मा रचित “तुम मुझ में प्रिय, फिर परिचय क्या” कविता की मूल संवेदना

महादेवी वर्मा रचित “तुम मुझ में प्रिय, फिर परिचय क्या” कविता की मूल संवेदना महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य का एक …

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