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Mool Samvedna

आवाज का नीलाम एकांकी की व्याख्या/मूल संवेदना

January 24, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

  आवाज का नीलाम एकांकी की व्याख्या/मूल संवेदना आधुनिक हिंदी एकांकी के क्षेत्र में धर्मवीर भारती का स्थान महत्त्वपूर्ण है। …

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कृष्ण चेतावनी की मूल संवेदना/भावार्थ 

November 10, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

रामधारी सिंह दिनकर कृत कृष्ण चेतावनी की मूल संवेदना/भावार्थ   हिंदी के प्रसिद्ध कवियों में से एक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह …

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‘रे मन’ कविता का भावार्थ/ मूल संवेदना

November 3, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

सोहनलाल द्विवेदी की कविता ‘रे मन’ का भावार्थ सोहनलाल द्विवेदी आधुनिक काल के सुप्रसिद्ध कवि हैं। खड़ी बोली को साहित्य …

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कुछ न पूछ मैंने क्या गाया कविता का भावार्थ/मूल संवेदना

October 28, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

“कुछ न पूछ मैंने क्या गाया”   मैथिलीशरण गुप्त द्विवेदी युग के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। हिंदी साहित्य में …

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धूमिल की अकाल दर्शन कविता का भावार्थ/ मूल संवेदना

October 24, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

धूमिल की अकाल दर्शन कविता का भावार्थ/ मूल संवेदना   धूमिल हिंदी साहित्य के एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण कवि हैं। इनका …

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प्रेत का बयान कविता का भावार्थ

October 17, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

“प्रेत का बयान कविता एक तीखा सामाजिक व्यंग्य है” कथन की समीक्षा   प्रेत का बयान कविता प्रगतिवाद के प्रतिनिधि …

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मोहल्ले वाले कहानी का सारांश अथवा मूल भाव

October 16, 2025October 15, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

मोहल्ले वाले कहानी का सारांश अथवा मूल भाव मोहल्ले वाले कहानी हर्ष दर्शन सहगल द्वारा रचित है। उनका जन्म 26 …

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मोहन राकेश के नाट्य लेखन की विशेषताएं

October 14, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

मोहन राकेश के नाटकों में प्रयोग और प्रभाव/ मोहन राकेश के नाट्य लेखन की विशेषताएं   भारत में संस्कृत साहित्य …

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पुरस्कार कहानी का सारांश अथवा मूल भाव

October 13, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

पुरस्कार कहानी का सारांश अथवा मूल भाव पुरस्कार कहानी जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित एक प्रसिद्ध कहानी है। जयशंकर प्रसाद हिंदी …

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महाभोज उपन्यास का सारांश अथवा मूल भाव

October 7, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera
महाभोज उपन्यास

महाभोज उपन्यास का सारांश अथवा मूल भाव   महाभोज मन्नू भंडारी द्वारा रचित एक बेहद महत्त्वपूर्ण उपन्यास है। हिंदी साहित्य …

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  1. जिण भुइ पन्नग पीयणा, कयर-कँटाळा रूंख पद की व्याख्या - Duniyahindime on मारू थाँकइ देसड़उ, एक न भाजइ रिड्ड पद की व्याख्या 
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