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मूल संवेदना

पहिरण ओढण कंबळा, साठे पुरिसे नीर पद की व्याख्या

February 26, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

पहिरण ओढण कंबळा, साठे पुरिसे नीर पद की व्याख्या   पहिरण ओढण कंबळा, साठे पुरिसे नीर । आपण लोक उभाँखरा, …

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जिण भुइ पन्नग पीयणा, कयर-कँटाळा रूंख पद की व्याख्या

February 18, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

जिण भुइ पन्नग पीयणा, कयर-कँटाळा रूंख पद की व्याख्या   जिण भुइ पन्नग पीयणा, कयर-कँटाळा रूंख । आके फोगे छाँहड़ी, …

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मारू थाँकइ देसड़उ, एक न भाजइ रिड्ड पद की व्याख्या 

February 17, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

मारू थाँकइ देसड़उ, एक न भाजइ रिड्ड पद की व्याख्या   मारू थाँकइ देसड़उ, एक न भाजइ रिड्ड । ऊचाळउ …

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बाबा म देइस मारुवाँ पद की व्याख्या

February 13, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

बाबा म देइस मारुवाँ पद की व्याख्या   बाबा म देइस मारुवाँ, सूधा एवाळाँह । कंधि कुहाड़ऊ, सिरि घड़ऊ, वासउ …

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बाळउँ बाबा देसड़ऊ पद की व्याख्या

February 8, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

बाळउँ बाबा देसड़ऊ पद की व्याख्या   बाळउँ बाबा देसड़ऊ पाँणी संदी ताति । पाणी केरइ कारणइ, प्री छंडइ अधराति …

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बाळऊं बाबा देसड़ऊं ‘ पद की व्याख्या

February 5, 2026 by Dr. Sanju Sadaneera

बाळऊं बाबा देसड़ऊं ‘ पद की व्याख्या   बाळऊं बाबा देसड़ऊं, पाँणी जिहाँ कुवाँह। आधीरात कुहक्कड़ा, ज्यउँ माणसाँ मुवाँह ।। …

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‘रे मन’ कविता का भावार्थ/ मूल संवेदना

November 3, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

सोहनलाल द्विवेदी की कविता ‘रे मन’ का भावार्थ सोहनलाल द्विवेदी आधुनिक काल के सुप्रसिद्ध कवि हैं। खड़ी बोली को साहित्य …

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कुछ न पूछ मैंने क्या गाया कविता का भावार्थ/मूल संवेदना

October 28, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

“कुछ न पूछ मैंने क्या गाया”   मैथिलीशरण गुप्त द्विवेदी युग के प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। हिंदी साहित्य में …

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धूमिल की अकाल दर्शन कविता का भावार्थ/ मूल संवेदना

October 24, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

धूमिल की अकाल दर्शन कविता का भावार्थ/ मूल संवेदना   धूमिल हिंदी साहित्य के एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण कवि हैं। इनका …

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प्रेत का बयान कविता का भावार्थ

October 17, 2025 by Dr. Sanju Sadaneera

“प्रेत का बयान कविता एक तीखा सामाजिक व्यंग्य है” कथन की समीक्षा   प्रेत का बयान कविता प्रगतिवाद के प्रतिनिधि …

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