विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी : World hindi day

 

विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी  : World hindi day

 

 विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी को दुनियाभर में मनाया जाता है। भाषा संप्रेषण का सशक्त माध्यम है, जिसके द्वारा इंसान अपने विचारों और भावनाओं को एक दूसरे से साझा करते हैं। अलग-अलग देश में अलग-अलग भाषाओं का विकास समय के साथ हुआ है। इसी तरह एक देश में अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं।

माना जाता है कि अकेले भारत में ही 1400 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। चूंकि भारत विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों से मिलकर बना देश है और अनेकता में एकता हमारी पहचान है। ऐसे में यहां लोगों को एक सूत्र में बांधने और बंधुत्व की भावना के विकास के लिए ऐसी भाषा की ज़रूरत पड़ी, जो लोगों को एकजुट कर सके। इस तरह आज़ादी के समय से ही हिंदी का महत्त्व बढ़ता गया।

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात जब संविधान का निर्माण हुआ, तो हिंदी को राजभाषा के तौर पर संविधान में जगह मिली। वैश्वीकरण के दौर के बाद तो प्रवासी भारतीयों की संख्या में काफ़ी तेजी देखी गई। वर्तमान में 25 लाख से अधिक भारतीय प्रतिवर्ष विदेशों में पलायन करते हैं। इस तरह हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार दूसरे महाद्वीपों तक होता चला गया और हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने लगी।

विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी-

प्रत्येक वर्ष विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है। वर्ल्ड लैंग्वेज डेटाबेस के अनुसार दुनिया भर में हिंदी बोलने-समझने वालों की आबादी 60 करोड़ से अधिक है। अंग्रेजी और मंदारिन के बाद हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है। भारत के अलावा मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा नेपाल में हिंदीभाषी जनसंख्या का प्रतिशत काफ़ी अधिक है।

हिंदी भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों लोगों को जोड़ने के लिए एक पुल के रूप में काम करती है। इस बार 2024 में विश्व हिंदी दिवस की थीम है- हिंदी पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुध्दिमत्ता तक। अर्थात हिंदी भाषा का तकनीकी की दुनिया तक विस्तार करना है। इसके यह मायने हैं कि समय के साथ अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए हिंदी को अनुकूलित करने की दिशा में प्रयास किया जाना है।

हिंदी भाषा का ऐतिहासिक सन्दर्भ-

हिंदी न केवल भारत सरकार की आधिकारिक भाषा है, बल्कि इसका महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। सबसे पहले 10 जनवरी 1949 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी भाषा का आधिकारिक प्रयोग किया गया था, इसलिए 10 जनवरी का विश्व हिन्दी दिवस मनाने में महत्त्वपूर्ण योगदान है।

भारत में पहली बार 1975 में नागपुर महाराष्ट्र में विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें 30 देशों के 122 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। भारत के साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, मॉरीशस, त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों में भी विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। 

इसका नियमित आयोजन 2006 से शुरू हुआ, इसी साल से प्रतिवर्ष 10 जनवरी को नियमित तौर पर विश्व हिन्दी दिवस का आयोजन किया जा रहा है। 2018 में मॉरीशस के पोर्ट लुइस में विश्व हिंदी सचिवालय भवन का निर्माण हिंदी की बढ़ती उपयोगिता और महत्त्व को दर्शाता है।

 

राष्ट्रीय हिंदी दिवस-

साल 1949 में 14 सितंबर को संविधान सभा द्वारा हिंदी को आधिकारिक राजभाषा के तौर पर अंगीकृत किया गया था। इसलिए 14 सितंबर को महत्त्व देते हुए इस दिन को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में देशभर में मनाया जाता है। आधिकारिक रूप से पहली बार 1953 में 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया गया था।

ग़ौरतलब है कि हिंदी भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भारतीय भाषाओं में से एक है। 1960 में भारत सरकार द्वारा हिंदी के प्रचार प्रसार एवं प्रोत्साहन हेतु शिक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय हिंदी निदेशालय की स्थापना की गई थी। संविधान का अनुच्छेद 343 से लेकर 351 तक में हिंदी भाषा के विकास एवं संवर्धन हेतु प्रावधान हैं।

 

हिंदी भाषा से संबंधित कुछ रोचक तथ्य-

‘हिंदी’ शब्द की उत्पत्ति फारसी भाषा के शब्द ‘हिंद’ से हुई है, जिसका अर्थ होता है- सिंधु नदी। 11वीं शताब्दी में तुर्की आक्रमणकारियों ने सिंधु नदी के आसपास के निवासियों की भाषा को हिंदी कहकर संबोधित किया था। पिछली जनगणना के मुताबिक भारत में लगभग 43% लोग मूल रूप से हिंदी भाषी हैं, जबकि 77% भारतीय हिंदी, पढ़, बोल, लिख या समझ पाने में समर्थ हैं।

हिंदी के बढ़ते महत्त्व को देखते हुए ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में भी प्रतिवर्ष हिंदी के प्रचलित और लोकप्रिय शब्दों को शामिल किया जाता है। साथ ही हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में मान्यता भी प्राप्त है। इसके अलावा दुनिया भर के 176 विश्वविद्यालय में हिंदी की पढ़ाई होती है जिसमें से 45 से अधिक विश्वविद्यालय अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका से है। ग़ौरतलब है कि भारत से सबसे ज्यादा प्रवासी संयुक्त राज्य अमेरिका में ही पलायन करते हैं।

 

हिंदी की वर्तमान प्रासंगिकता-

देश में इंटरनेट के क्षेत्र में क्रांति आने के बाद सबसे ज्यादा प्रभाव यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पड़ा है। शिक्षा से लेकर मनोरंजन यहां तक कि रोजगार के लिए भी यूट्यूब का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 54% यूट्यूब इस्तेमाल करने वाले हिंदी भाषा में देखना-सुनना पसंद करते हैं, अंग्रेजी का प्रतिशत 16 है एवं बाकी अन्य स्थानीय भाषाओं का है।

इसके अलावा फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भी अब कमाई का ज़रिया बन रहे हैं। इन सब में हिंदी भाषी लोगों का प्रतिशत देश में सबसे अधिक है। इसके अलावा रील्स, शॉर्ट्स, शॉर्ट मूवी से लेकर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, टीवी और फिल्म इंडस्ट्री तक में हिंदी लेखकों, गीतकारों एवं कलाकारों की मांग भी बढ़ती जा रही है। ज़ाहिर है कि हिंदी भाषा अब रोजगार के नए-नए अवसर भी पैदा कर रही है।

 

विश्व हिन्दी दिवस हिंदी भाषा के महत्त्व को समझने इसके प्रचार-प्रसार करने के लिए तो मौका प्रदान करता ही है, साथ ही इसकी दशा और दिशा पर मंथन करने के लिए भी बेहतरीन अवसर है। हिंदी भाषा की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इसकी उपयोगिता और रोजगारोन्मुखी होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए समय-समय पर इसमें अनुकूलन और समन्वय निश्चित तौर पर लाभदायक सिद्ध होगा।

यहां एक और बात विशेष रूप से ध्यान रखने योग्य है कि जिस तरह से हिंदी भाषियों को हिंदी से विशेष लगाव है, इसी तरह अन्य भाषाओं को मातृभाषा मानने वालों के लिए उनकी भाषा महत्त्वपूर्ण है। हिंदी या किसी भी भाषा से प्रेम करने के लिए दूसरी भाषाओं से नफ़रत करने या उन्हें कमतर समझने की ज़रूरत नहीं बल्कि सभी भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। 

 

© प्रीति खरवार

इसी तरह प्रवासी भारतीय दिवस के बारे में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें..

https://www.duniyahindime.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80_%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af_%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8/

Priti Kharwar

प्रीति खरवार एक Freelance Writer हैं, जो शोध-आधारित हिंदी-लेखन में विशेषज्ञता रखती हैं। Banaras Hindu University से Psychology में Masters प्रीति को हिन्दी भाषा में लेखन के लिए भाषा सारथी सम्मान और United Nations Population Fund की तरफ से Laadli Media Fellowship भी मिल चुका है। प्रीति का लक्ष्य हिंदी भाषी पाठकों को Mental health और सामाजिक मुद्दों पर आसान और बोलचाल की भाषा में कंटेंट उपलब्ध कराना है, जिससे लोग अपने जीवन में positive change ला सकें।

1 thought on “विश्व हिन्दी दिवस 10 जनवरी : World hindi day”

Leave a Comment