मुहावरे की परिभाषा, महत्त्वपूर्ण मुहावरे, वाक्य प्रयोग,

मुहावरे की परिभाषा, महत्त्वपूर्ण मुहावरे, वाक्य प्रयोग, उदाहरण एवं परीक्षोपयोगी अभ्यास प्रश्न

 

मूल रूप से मुहावरा शब्द अरबी भाषा का है, जिसका अर्थ है- अभ्यास। हिन्दी में मुहावरा एक विशिष्ट अर्थ देने वाले वाक्यांश को कहते हैं। मुहावरों के स्वाभाविक प्रयोग से भाषा में जान आ जाती है। मुहावरों से शाब्दिक अर्थ की प्रतीति नहीं होती, अपितु वे एक विशिष्ट एवं विलक्षण अर्थ की प्रतीति कराते हैं।

मुहावरे एक प्रकार के वाक्यांश हैं, जिनका वाक्यों में प्रयोग होने से भाषा सरस और सजीव हो जाती है। मुहावरेदार भाषा श्रोता अथवा पाठक के हृदय पर अपना अमिट प्रभाव छोड़ती है। मुहावरे के अंत में “ना” लगा होता है,जो इसे लोकोक्ती से अलग करता है।जैसे- कान में तेल डालना, अंधे की लकड़ी होना , आंखें दिखाना इत्यादि।

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हिन्दी में मुहावरों की संख्या बहुत अधिक है। उनमें से कुछ प्रमुख मुहावरे निम्नांकित हैं.

1.बाल बाँका न होना = कुछ भी नहीं बिगड़ना ।

विरोधी पक्ष कितना ही विरोध क्यों न करे, जब तक मेरे इरादे अच्छे हैं, तब तक मेरा बाल बाँका नहीं हो सकता।

 

2. रोंगटे खड़े होना = डर जाना।

शेर को सामने देखते ही रोहन के रोंगटे खड़े हो गये।

 

3. सिर पीटना =पछताना ।

पहले तो परिश्रम किया नहीं, अब अनुत्तीर्ण हो जाने पर सिर पीटने से क्या लाभ है ?

 

4. कान भरना = चुगली खाना।

कुछ शिक्षकों ने संचालक के आते ही विनोद के विरुद्ध उनके कान भर दिये।

 

5. आँख दिखाना= धमकाना ।

मैडम ने कक्षा में आते ही बदमाशी करने वाले छात्रों को आँख दिखाई।

 

6. आँखें लाल करना = क्रोध करना।

हक़ की बात करते ही नेहा के पति ने आँखें लाल कर लीं।

 

7. मुँह में पानी भर आना= लालच में पड़ जाना।

हलवाई की दुकान पर समोसे देखते ही रचना के मुँह में पानी भर आया।

 

8. पीठ ठोकना= शाबाशी देना ।

जैसे ही विहान खेल में प्रथम आया, गुरुजी ने उसकी पीठ ठोकी ।

 

9. कमर टूटना = हिम्मत हार जाना ।

चोरों के द्वारा सारा घर साफ देख कर सोहन की कमर टूट गयी।

 

10. दाँत पीसना= क्रोध करना।

राम ने गुरुजी से जब श्याम की शिकायत की तो श्याम राम के ऊपर दाँत पीसने लगा ।

 

11. दाँतों तले अँगुली दबाना= आश्चर्य करना।

ताजमहल की सुन्दरता को देखकर विदेशी भी दाँतों तले अँगुली दबाते हैं।

 

12. पाँव उखड़ जाना= हारकर भाग जाना।

भारत के वीर सैनिकों के प्रबल आक्रमण से शत्रु सेना के पाँव उखड़ गये।

 

अब बिना वाक्य में प्रयोग मुहावरों का अर्थ

 

13. टेढ़ी खीर = कठिन कार्य।

बिना परिश्रम किये परीक्षा में प्रथम श्रेणी लाना टेढ़ी खीर है।

 

14. आग बबूला होना= अत्यन्त क्रोध करना।

अजय के अनुत्तीर्ण हो जाने पर उसके पिताजी उस पर आग बबूला हो गये।

 

15. अपना उल्लू सीधा करना= स्वार्थ सिद्ध करना ।

आजकल भारत में ऐसे लोग बहुत हैं, जो अपना उल्लू सीधा करते हैं, दूसरों की चिन्ता नहीं करते।

 

16. आँख का तारा= अत्यन्त प्रिय।

अरुणिमा अंतस की आंख का तारा है।

 

17. आँखों में धूल झोंकना = धोखा देना।

 

18. नाक कटना= प्रतिष्ठा भंग होना।

 

19. पीठ दिखाना= हारकर भाग जाना।

 

20. कमर कसना = तैयार होना ।

 

21. ईंट से ईंट बजाना= नष्ट भ्रष्ट कर देना।

 

22. ईद का चाँद होना= बहुत दिनों बाद मिलना।

 

23. फूला न समाना = अत्यन्त प्रसन्न होना।

 

24. नौ दो ग्यारह होना= बहुत दिनों बाद मिलना ।

 

25. लोहा लेना= युद्ध करना।

 

26. लोहे के चने चबाना= कठिन काम करना ।

 

27. लहू के घूँट पीना = अपमान सहना ।

 

28. अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना = जानबूझकर अपना नुकसान खुद करना ।

 

29. अपने मुँह मियाँ मिट्टू बनना= अपनी बड़ाई आप करना।

 

30. अंगारे उगलना = क्रोध में कठोर शब्द बोलना ।

 

31. आँखें बिछाना= सत्कार करना ।

 

32. आकाश के तारे तोड़ना= असम्भव कार्य करना ।

 

33. आटे दाल का भाव मालूम होना= कठिनाई में पड़ जाना

 

34. आग से खेलना= जानबूझकर मुसीबत में पड़ना ।

 

35. उलटी गंगा बहाना= नियम के विरुद्ध कार्य करना ।

 

36. उल्लू बनाना = मूर्ख बनाना।

 

37. काम तमाम करना= मार देना।

 

38. कानों में अँगुली देना= कोई बात न सुनना ।

 

39. गड़े मुर्दे उखाड़ना = पिछली अशुभ बातें करना ।

 

40. घी के दिये जलाना = बहुत खुशियाँ मनाना ।

 

41. घड़ों पानी पड़ना= लज्जित होना ।

 

42. घाव पर नमक छिड़कना = दुखी को और दुःख देना।

 

43. चूड़ियाँ पहनना = कायरता दिखाना । (यह मुहावरा स्त्री द्वेष से युक्त है,अत: त्याज्य है।)

 

44. चुल्लू भर पानी में डूब मरना = लज्जा अनुभव करना ।

 

45. चिकनी चुपड़ी बातें करना = चापलूसी करना ।

 

46. छक्के छूट जाना = हिम्मत हारना या हार जाना।

 

47. जान के लाले पड़ना= संकट में फंस जाना।

 

48. जीती मक्खी निगलना= जानबूझकर बेईमानी करना।

 

49. तीन पाँच करना= झगड़ा करना।

 

50. तीन तेरह होना= अलग-अलग होना।

 

51. तलवे चाटना = खुशामद करना।

 

52. तिलांजलि देना= त्याग देना।

 

53. दाल में काला = सन्देहपूर्ण ।

 

54. दाँत खट्टे करना = बहुत परेशान करना ।

 

55. धूल में मिल जाना= नष्ट होना।

 

56. नमक मिर्च लगाना = बात बढ़ा चढ़ाकर कहना ।

 

57. पहाड़ टूटना = विपत्ति आना ।

 

58. पेट में चूहे कूदना = तेज भूख लगना।

 

59. फूंक-फूंककर कदम रखना सावधानी बरतना ।

 

60. बाल बाँका न होना = कुछ भी नुकसान न होना ।

 

61. भीगी बिल्ली बनना= डरपोक बनना ।

 

62. मुँह की खाना = हार मानना ।

 

63. मुठ्ठी गरम करना = रिश्वत लेना ।

 

64. रंग में भंग करना = आनन्दपूर्ण कार्य में बाधा होना ।

 

65. लाल-पीला होना = क्रोधित होना ।

 

66. हक्का-बक्का रह जाना= आश्चर्यचकित रहना ।

 

67. हवाई किले बनाना= थोथी कल्पना करना।

 

68. हवा से बात करना = बहुत तेज दौड़ना ।

 

69. आँखों में खून उतरना = अत्यन्त क्रुद्ध होना ।

 

70. आँखों में चरबी छाना = घमण्ड करना ।

 

71. आग में घी डालना = क्रोध में वृद्धि करना ।

 

72. आग लगने पर कुआँ खोदना= काम बिगड़ने पर सचेत होना /पूर्व तैयारी न होना।

 

73. आस्तीन का साँप होना= विश्वासघाती होना ।

 

74. कान में जूँ न रेंगना= कुछ परवाह न करना।

 

75. कान में तेल डालना = ध्यान न देना।

 

76. घुटने टेक देना = पराजय स्वीकार करना ।

 

77. डींग मारना = बढ-बढ़कर बातें करना।

 

78. नाक में दम करना= बहुत परेशान करना ।

 

79. भगीरथ प्रयत्न करना= कठिन प्रयत्न करना ।

 

80. हथेली पर सरसों जमाना= जल्दबाजी करना ।

 

मुहावरे पर अभ्यास के लिए प्रश्न

 

1. ‘अपने मुँह मियाँ मिट्टू बनना’ मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसे वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर-अर्थ- अपनी प्रशंसा अपने आप करना।

प्रयोग- सुरेश प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर जब अपने परिश्रम की डींग हांकने लगा तो शिक्षक ने उसे प्यार से समझाया कि अच्छे विद्यार्थी कभी भी अपने मुँह मियाँ मिट्ठू नहीं बनते ।

 

2.’फूंक-फूंक कर पैर रखना’ मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसे वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर-अर्थ- सावधानीपूर्वक काम करना।

प्रयोग- असम आन्दोलन और अकाली आन्दोलन के कारण भारत सरकार फूंक-फूंक कर पैर रख रही है।

 

3. निम्नलिखित मुहावरों का अपनी भाषा में प्रयोग कीजिए।

1. नौ दो ग्यारह होना,

2. फूले न समाना ।

उत्तर-

1. छुट्टी की घण्टी बजते ही बच्चे नौ दो ग्यारह हो गए।

2. मिठाई वितरण की सूचना सुनकर विद्यार्थी फूले नहीं समाए ।

 

4.’नाकों चने चबाना’ मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर-अर्थ- बुरी तरह पराजित करना ।

प्रयोग- झांसी की रानी ने अंग्रेजों को युद्ध में अनेक बार नाकों चने चबवाये थे।

 

5.’पानी पानी होना’ मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए ।

उत्तर अर्थ- अत्यन्त लज्जित होना ।

प्रयोग-परीक्षा में नकल करता हुआ पकड़ा जाने पर प्रभात पानी पानी हो गया।

 

6.’ईंट से ईंट बजाना’ मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर-अर्थ- नष्ट भ्रष्ट कर देना।

प्रयोग- भारत छोड़ो आंदोलन ने ब्रिटिश साम्राज्य की ईंट से ईंट बजा दी थी।

 

7.’आस्तीन का सांप’ मुहावरे का क्या आशय है ?

उत्तर- ‘विश्वासघाती’, ऊपर से मीठा, भीतर से धोखा देना वाला, वह व्यक्ति जो मित्रता का ढोंग रचे और शत्रुता का काम करे।

 

8.निम्नलिखित मुहावरों का सार्थक प्रयोग कीजिए-

1. दंग रहना,

2. आँखों का तारा ।

उत्तर-

1. मेघालय के झरनों की सुन्दरता को देखकर सब लोग दंग रह जाते हैं।

2. संतान माँ-बाप की आँखों का तारा होती है।

 

9.निम्नलिखित को अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए-

1. सिर चढ़ाना ।

2. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।

उत्तर-

1. बच्चों को लाड़-प्यार से तो रखिए, पर सिर पर मत चढ़ाइए।

2. अकेला व्यक्ति कितनी भी मेहनत कर ले लेकिन संस्थाओं का विकास सामूहिक सहयोग से होता है,एक आदमी से नहीं। किसी ने सच ही कहा है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।

 

10. निम्नांकित मुहावरों का अपनी भाषा में प्रयोग कीजिए-

1. आँखों का तारा,

2. ईद का चाँद होना।

उत्तर-

1. भगतसिंह आज भी बहुत सारे देशवासियों के आँखों के तारे हैं।

2. रोहित से एक साल बाद मुलाकात हुई, मानो वो ईद का चांद हो गया हो!

 

© डॉ संजू सदानीरा

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Dr. Sanju Sadaneera

डॉ. संजू सदानीरा प्रतिष्ठित मोहता पीजी कॉलेज में प्रोफेसर और हिंदी साहित्य विभाग की प्रमुख हैं। इन्हें अकादमिक क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का समर्पित कार्यानुभव है। हिन्दी, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान विषयों में परास्नातक डॉ. संजू सदानीरा ने हिंदी साहित्य में नेट, जेआरएफ सहित अमृता प्रीतम और कृष्णा सोबती के उपन्यासों पर शोध कार्य किया है। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के स्नातक के पाठ्यक्रम के लिए इनकी किताबें विशेष उपयोगी हैं। ये "Dr. Sanju Sadaneera" यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी शिक्षा के प्रसार एवं सकारात्मक सामाजिक बदलाव हेतु सक्रिय हैं।

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