स्मृतियों में पिता कहानी का सारांश/मूल संवेदना

 

स्मृतियों में पिता

 

1.पाठ्यपुस्तक में रघुनन्दन त्रिवेदी द्वारा रचित कौनसी कहानी पढ़ाई जाती है?

उत्तर:- पाठ्यपुस्तक में रघुनन्दन त्रिवेदी द्वारा रचित स्मृतियों में पिता कहानी पढ़ाई जाती है।

 

2.स्मृतियों में पिता कहानी किस शैली में रचित है?

उत्तर:- स्मृतियों में पिता कहानी में फ्लैशबैक शैली के साथ-साथ आत्मकथात्मक अथवा प्रथम पुरुष वाचक शैली का प्रयोग हुआ है।

 

3. स्मृतियों में पिता कहानी में व्यक्त मूल संदेश को अपने शब्दों में अभिव्यक्त करें।

 

उत्तर:- रघुनंदन त्रिवेदी ने स्मृतियों में पिता कहानी के माध्यम से पारिवारिक स्नेह और पिता की भूमिका पर मनोवैज्ञानिक रूप से चित्रण कर प्रभावित किया है।

 

स्मृतियों में पिता कहानी पिता-पुत्र के संबंधों की कहानी है। पिता का परिवार के प्रति उत्तरदायित्व ही नहीं लगाव भी इस कहानी में मर्मस्पर्शी रूप में दर्शाया गया है। समय-समय पर परिवार के सदस्यों के आवश्यकतानुसार पिता की बदलती भूमिकाओं का अत्यंत हृदयग्राही चित्र इस कहानी में किया गया है। वृद्धावस्था अंतिम परिणति है और इससे कोई बच नहीं पाया ठीक मृत्यु की तरह।

पिता भी वृद्ध होते हैं और मृत्यु को प्राप्त करते हैं यह उनके और उनकी संतानों के प्रति कितना कष्टसाध्य है, यह भी इस कहानी में बताया गया है। अपने रूप (भूमिका) को बदलने में असमर्थ हो जाना एक पालक के लिए कितना कष्टदायक है, यह कथा में पिता के माध्यम से दिखाया गया है। 

 

कहानी में घर, परिवार, प्रेम, अपनत्व, आपसी सामंजस्य एवं दांपत्य प्रेम का अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया है।

 

© डॉ. संजू सदानीरा

अमरजोत एकांकी की मूल संवेदना पढ़ने के लिये नीचे दिये लिंक पर क्लिक कर सम्बन्धित लेख पढ़ सकते हैं..

https://www.duniyahindime.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%a4-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82/

Priti Kharwar

प्रीति खरवार एक Freelance Writer हैं, जो शोध-आधारित हिंदी-लेखन में विशेषज्ञता रखती हैं। Banaras Hindu University से Psychology में Masters प्रीति को हिन्दी भाषा में लेखन के लिए भाषा सारथी सम्मान और United Nations Population Fund की तरफ से Laadli Media Fellowship भी मिल चुका है। प्रीति का लक्ष्य हिंदी भाषी पाठकों को Mental health और सामाजिक मुद्दों पर आसान और बोलचाल की भाषा में कंटेंट उपलब्ध कराना है, जिससे लोग अपने जीवन में positive change ला सकें।

3 thoughts on “स्मृतियों में पिता कहानी का सारांश/मूल संवेदना”

  1. मूल कहानी की टेक्स्ट भी साथ में पोस्ट करें 🙏

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