Skip to content
Duniyahindime

Duniyahindime

  • हिन्दी साहित्य
  • सामान्य ज्ञान
  • मेन्टल हेल्थ

हिन्दी साहित्य

मानुस हौं तो वही रसखान सवैये की व्याख्या

October 2, 2024July 18, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera
मानुस हौं तो वही रसखान

मानुस हौं तो वही रसखान सवैये की व्याख्या   मानुस हौं तो वही रसखान बसौ ब्रज गोकुल गाँव के ग्वारन। …

Read more

रसखान की कृष्ण भक्ति

October 2, 2024July 16, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera
रसखान की कृष्ण भक्ति

रसखान की कृष्ण भक्ति   रसखान की कृष्ण भक्ति एवं काव्य सौष्ठव पर प्रकाश डालें । अथवा अथवा रसखान के …

Read more

तुलसीदास की भक्ति भावना : Tulsidas ki bhakti bhawna

October 2, 2024July 14, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera
तुलसीदास की भक्ति भावना

तुलसीदास की भक्ति भावना : Tulsidas ki bhakti bhawna   तुलसीदास का राम भक्ति शाखा में योगदान रेखांकित करें। अथवा …

Read more

मन पछितैंहैं अवसर बीते पद की व्याख्या : Man pachhitaihain avsar beete pad ki vyakhya

October 2, 2024July 10, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera

मन पछितैंहैं अवसर बीते पद की व्याख्या : Man pachhitaihain avsar beete   “मन पछितैंहैं अवसर बीते। दुर्लभ देह पाइ …

Read more

मीराबाई की भक्ति भावना : Meerabai ki bhakti bhawna

October 2, 2024July 7, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera
मीराबाई की भक्ति भावना

मीराबाई की भक्ति भावना : Meerabai ki bhakti bhawna   मीराबाई की भक्ति भावना सर्वविदित है। मीराबाई राजस्थान की प्रसिद्ध …

Read more

कबहुंक हौं यहि रहनि रहौंगो : Kabhunk haun yahi rahani rahaungo

October 2, 2024July 5, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera

तुलसीदास रचित “कबहुंक हौं यहि रहनि रहौंगो” पद की व्याख्या : Kabhunk haun yahi rahani rahaungo

 

कबहुंक हौं यहि रहनि रहौंगो।

Read more

“ऐसो को उदार जग माहीं” पद की व्याख्या : Aeso ko udaar jag maahi pad ki vyakhya

October 2, 2024July 4, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera

तुलसीदास रचित “ऐसो को उदार जग माहीं” पद की व्याख्या : Aeso ko udaar jag maahi   ऐसो को उदार …

Read more

जो निज मन परि हरै विकारा पद की व्याख्या

October 2, 2024April 20, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera

 जो निज मन परि हरै विकारा पद की व्याख्या     “जो निज मन परि हरै विकारा ।   तौ …

Read more

केसव कहि न जाइ का कहिये पद की व्याख्या : kesav kahi na jai ka kahiye

October 2, 2024April 19, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera

केसव कहि न जाइ का कहिये पद की व्याख्या : kesav kahi na jai ka kahiye     “केसव कहि …

Read more

माधव मोह-पास क्यों छूटै पद की व्याख्या

October 2, 2024April 18, 2024 by Dr. Sanju Sadaneera

 माधव मोह-पास क्यों छूटै पद की व्याख्या : Madhav moh paas kyo chhute    “माधव मोह-पास क्यों छूटै। बाहर कोट …

Read more

Older posts
Newer posts
← Previous Page1 … Page11 Page12 Page13 … Page18 Next →

Recent Posts

  • पर्दे के पीछे एकांकी की मूल संवेदना
  • Assertive Communication क्या है?
  • Low Self Esteem क्या है?
  • ‘ना’ कहना इतना मुश्किल क्यों लगता है? Na kehna itna mushkil kyo
  • Healthy Boundaries बनाना सीखें

Recent Comments

  1. Sahil suda on बीए सेमेस्टर फर्स्ट हिन्दी पेपर सेकेंड वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
  2. Dr. Sanju Sadaneera on निकट नगर जब जान, जाय वरि विंद उभय मय पद की व्याख्या
  3. Ravindra Kumar on निकट नगर जब जान, जाय वरि विंद उभय मय पद की व्याख्या
  4. Dr. Sanju Sadaneera on उपलब्धि कविता की व्याख्या/मूल संवेदना
  5. Pooja Shrivastava on उपलब्धि कविता की व्याख्या/मूल संवेदना

© 2025 DuniyaHindiMe. सर्वाधिकार सुरक्षित

© 2026 Duniyahindime • Built with GeneratePress